अस्पतालों द्वारा की गई जांच के बाद उन्हें आराम की सलाह दी गई और वापस भेज दिया गया
कोलकाता। टाला थाने के ओसी अभिजीत मंडल की तबियत बिगड़ गई लेकिन उन्हें निजी अस्पतालों में भर्ती नहीं किया गया। आर. जी. कर अस्पताल में हुए हत्याकांड के बाद टाला थाने की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच, टाला थाने के ओसी अभिजीत मंडल को कई निजी अस्पतालों में भर्ती न किए जाने का मामला सामने आया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बुधवार को अभिजीत मंडल थाने में अचानक बेहोश हो गए और उनके सीने में तेज दर्द होने लगा।
सूत्रों के अनुसार, 52 वर्षीय पुलिस अधिकारी बुधवार को सीने में दर्द और हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत लेकर अस्पताल पहुँचे लेकिन उन्हें भर्ती नहीं किया गया। अलीपुर के एक नामी निजी अस्पताल में पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती करने से मना कर दिया। डॉक्टरों का कहना था कि उनकी प्रारंभिक जांच में कोई गंभीर समस्या नहीं पाई गई। अभिजीत मंडल ने भर्ती होने की गुजारिश की, लेकिन डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को देखते हुए इसे अनावश्यक समझा। इसके बाद वे एक अन्य निजी अस्पताल जैसे में भी गए जहां भी उन्हें भर्ती नहीं किया गया। दिनभर में वह 4 से 5 विभिन्न निजी अस्पतालों में इलाज कराने की कोशिश की, लेकिन हर जगह से उन्हें वापस भेज दिया गया।
चिकित्सकों का मानना था कि उनके लक्षण संभवत: एंग्जाइटी यानी चिंता के कारण हो सकते हैं और कोई गंभीर समस्या नहीं है। अस्पतालों द्वारा की गई जांच के बाद उन्हें आराम की सलाह दी गई और वापस भेज दिया गया। हालांकि, बाद में उन्हें पुलिस अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है जहां उनकी इलाज चल रही है। अभी उनकी सेहत नियंत्रण में है। आखिर में उन्हें अस्पताल में भर्ती न लेना यह सवाल उठ रहा है कि क्या आर जी कर में हुए कांड को लेकर ओसी को भर्ती लेने से अस्पतालों ने मना कर दिया? बता दे कि आर जी कर अस्पताल टाला थाना क्षेत्र में ही आता है।
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